पा. रंजीत : भारतीय फिल्म उद्योग के एक प्रमुख फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता
पा. रंजीत (Pa. Ranjith) भारतीय फिल्म उद्योग के एक प्रमुख फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता हैं, नीलम प्रॉडक्शन भी उन्ही का production हाउस है। पा. रंजीत जो मुख्य रूप से तमिल सिनेमा में काम करते हैं. एक दलित (Ambedkarit) होने के बावजूद भी उन्होने एक मंजे हुए फिल्मकार के तौर पर अपनी जगहा बनाई है। अबतक उन्होने 6 फिल्मों का निर्दशन किया है। कई अवार्ड से सम्मानित इस तमिल फिल्मकार योगदान भारतीय

cenema में अभूतपूर्व है।

चेन्नई के करलापक्कम में जन्मे, रंजीत विश्व सिनेमा और सामाजिक मुद्दों को उजागर करने वाली फिल्मों से प्रेरित थेपा. रंजीत की फिल्में न केवल मनोरंजक होती हैं बल्कि सामाजिक और विचारोत्तेजक भी होती हैं, तथा सामाजिक मानदंडों को चुनौती देती हैं. उनके सिनेमा का नायक हाशिए के एक समुदाय की आवाज़ बनकर लोगो से बात करता  हैं. सदियों से चाली आ रही सामाजिक और जाति व्यवस्थाने सिनेमा को भी बुरी तरह प्रभावीत किया है. दलित जाती मे जन्मे पा. रंजीतने अपनी फिल्मो के नायक के जरीये जुल्म के खिलाफ सिनेमा के परदे पर एक आंदोलन चालने का फैसला किया, और उसे आगे बढते हुए अब सिनेमा कि कहानी भी हमारी होंगी, अभिनेता भी हमारे होंगे के तर्ज पर सिनेमा बनाने का निश्चय किया है. उनकी  फिल्में दलित पात्रों और सामाजिक न्याय के विषयों पर केंद्रित होती हैं।
आंबेडकरवादी सूत्रो को जोडते हुए उन्होने ऐसी सामाजिक-राजनीति फिल्मे बनाने कि कोशिश कि जिन्होने व्यवस्था को झंझोर कर रख दिया. उनकी फिल्मे बहस और चर्चाओं को जन्म देने लगीं और निर्माताओं के लिए व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य भी बन गईं

उनके निर्देशन की पहली फिल्म रोमांटिक कॉमेडी "अट्टाकथी" 2012 में आयी। थी। फिल्म "युवाओं और रोमांस को सबसे ताज़ा तरीके से दिखाती है" अट्टाकथी को ₹ 1.75 करोड़ के बजट पर पचास दिनों में पूरा किया गया ।
उसके बाद उन्होने दूसरी फिल्म, राजनीतिक एक्शन-ड्रामा "मद्रास" जो (2014) मे की जिसको व्यापक प्रशंसा मिली, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी सफल फिल्म रही।  इस फिल्म ने उन्हें एक उभरते हुए सफल फिल्म निर्देसक के रूप में स्थापित किया। उसके बाद रंजीत कभी पीछे मूड कर नहीं देखा। उनकी कुछ उल्लेखनीय फिल्मों में "कबाली" (2016), "काला" (2018) और "सरपट्टा परमबराई" (2021) शामिल हैं। रंजीत ने 2022 के कान फिल्म फेस्टिवल में अपने अगले प्रोजेक्ट वेट्टुवम के लिए फर्स्ट लुक पोस्टर का अनावरण किया। गोल्डन रेशियो फिल्मों के साथ उनके अपने प्रोडक्शन हाउस नीलम स्टूडियो द्वारा निर्मित, इस परियोजना को कथित तौर पर एक फीचर फिल्म और एक टीवी श्रृंखला दोनों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

आज हम उनके बारे में चर्चा क्यों कर रहे है. वह इसलिए की उनकी तमिल फिल्म थंगालान (Thangalaan)
  1. जो 150
जो 150
जो 150 करोड़ के लागत से बनी है। इस फिल्म की चर्चा कई दिनों से थी। ये तामिल भाषा के साथसाथ अब हिंदी में भी रिलीज़ होनेवाली है. हालही मे इसका Trailer Launch किया गया है. यह एक दिलचस्प फिल्म है, जो औपनिवेशिक काल के दौरान की है। यह केजीएफ सोने की खदानों में सेट है और खदानों में काम करने वाले उत्पीड़ित लोगों की आजादी के बारे में है। विक्रम, मालविका मोहनन, पार्वती थिरुवोथु और पसुपथी अभिनीत  थंगालान  कथित तौर पर अप्रैल में रिलीज होगी। उनके नीलम प्रोडक्शंस बैनर में कई तमिल फिल्में भी पाइपलाइन में हैं, जिनमें ध्रुव विक्रम अभिनीत एक फिल्म भी शामिल है। पा रंजीत अपनी निर्देशित फिल्म थंगालान की रिलीज के लिए तैयार हैं, जो औगेस्ट 2024 को रिलीस होनेवाली है।
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